Thursday, 23 October 2014

hindi 12345

निगाहो को जरा झुका लीजिए जनाब..
मेरे मजहब में नशा हराम है ।


तेरी यादों के लम्हे उन पुराने
गानो की तरह .
जिनको कितना भी दौहराओ हर बार नये
ही लगते है..



इश्क का धंधा बड़ा ही गन्दा..
मुनाफे में "जेब" जले..
और घाटे में "दिल"



लडकियाँ तो आजभी मेरी दिवानी है। 😙पटाना कोई मुसकिल कामनही, बस सिर्फ लोगों के दिल तोड़ना छोड़दिया है...😀 ~••●•●8⃣●•●••~





मत सोना दोस्तों के कंधे पर सर रखकर,,
क्यूंकि जब ये बिछड़ते है, तो तकिये पर
भी नींद
नहीं आती..!!